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पार्किंसंस का निदान किस से करवाएं?

Updated: Nov 25, 2023

हमारे पिछले लेखों में हमने आपको बताया था कि पार्किंसंस रोग के शुरूआती लक्षण क्या हैं एवं कुछ दिशानिर्देश भी दिए थे की पार्किंसंस रोग के निदान किए खोज कब करें। इस लेख के जरिये हम आपको बताएँगे की पार्किंसंस रोग का निदान करने के लिए कौन योग्य हैं और ऐसा करने के लिए वे क्या उपाय करते है।


PD के बारे में अधिकाँश समझ कहती हैं कि किसी व्यक्ति को PD से प्रभावित होने का निदान करने के लिए इन लक्षणों का होना अनिवार्ये है (इंटरनेशनल पार्किंसन एंड मूवमेंट डिसऑर्डर सोसाइटी (MDS)* के अनुसार) पढ़िए पार्किंसन रोग के निदान की तलाश कब करे

  • ब्रॉडीकेनिसिआ (Bradykenisia) चाल में धीमापन

और निम्न में से एक या अधिक

  • अंगो के स्थिर रहने पर कम्पन

  • बाहों, पैरों या बदन में अकड़न

  • संतुलन में गड़बड़ी और गिरने की परेशानी

भले ही आपके प्रियजन ऊपर बताये गए लक्षण अनुभव कर रहे हो, उसका निदान करवाना सही रहता है, ताकि उनका सही इलाज़ के साथ जीवन शैली के अन्य उपायों को नियोजित किया जा सके और आगे बढ़ने के तरीके की बेहतर तरह से समझा जा सके। इसके अलावा, उचित जीवन शैली में परिवर्तन और दवाएं पार्किंसंस की प्रगति को धीमा कर सकता है। इसके अलावा ये भी ध्यान रखें की कुछ लक्षण पार्किंसंस की तरह लगते है पर किसी और बिमारी के लक्षण हो सकते हैं।


आप किससे संपर्क करें?

अगर ये लक्षण लम्बे कई दिंनो तक देखें जाते हैं, तो आपको सबसे पहले अपने पारिवारिक डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता हैं। वह आपको न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) से संपर्क करने की सलाह देंगे । आपको मूवमेंट डिसऑर्डर विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिस्ट (Movement Disorder Specialist Neurologist) से सलाह लेने को कहा जा सकता है


PD का निदान कैसे होता है?


ध्यान रखे कि PD के निदान के लिए कोई एक विशेष परिक्षण नहीं होता है। इसका मतलब ये हुआ कि डॉक्टर इसका निदान लाक्षणिक दृष्टि से (Clinically) करेंगे । जैसे लक्षणों का विस्तृत मूल्यांकन करने हेतु कुछ सरल प्रश्न करना , उदाहरणरत :


क्या आपको कपडे पहनने में या बटन लगाने में कठिनाई आती है?

क्या आपको अपनी लिखावट में कोई बदलाव नज़र आया है?

क्या आपको अपने दांतो को ब्रश करने में कोई तकलीफ होती है?


और ऐसे कुछ प्रश्न, जैसे कि


१. व्यक्ति एवं उनके परिवार की स्वास्थ संबंधित जानकारी

२. जीवनशैली पर कुछ प्रश्न (क्योंकि कुछ कारक जो है दशा को प्रभावित कर सकते है)

३. वर्तमान और पिछली दवाएं

४. शारीरिक परिक्षण जो इन चीज़ो के आसपास केंद्रित होता है :

  • बाहों एवं टांगों में चपलता

  • बातचीत तथा भावों पर प्रभाव

  • हाथ पैरों की उँगलियों में कम्पन ( काम करते हुए या स्थिर अवस्था में )

  • गर्दन, हाथ पैरों की उँगलियों में अकड़न

  • व्यक्ति के कदम चाल तथा मुड़ने की क्षमता

  • संतुलन रखने और अपनी मुद्रा की जांच करने की क्षमता


क्या कोई विशिष्ट परिक्षण है?

PD के निदान की पुष्टि करने के लिए, कुछ परीक्षण जैसे मस्तिष्क की MRI** DaTScan*** या रक्त की जांच का उपयोग किया जा सकता है। ये परिक्षण या तो PD के निदान के समर्थन हेतु या उस जैसे लक्षण परन्तु अलग बीमारी होने की पुष्टि करने के काम आते है। MRI मस्तिष्क की संरचना को देखता है जबकि DaTScan मस्तिष्क के कार्य को।

ज्ञात रहे कि डॉक्टर अगर लक्षणों के निदान से पूर्णतः संतुष्ट है तो ये परिक्षण करवाने को मना भी कर सकते है ।


अन्तः

PD के निदान की क्रिया लम्बी है, आपको कई बार डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है , लेकिन अच्छी बात ये है कि इस में ज्यादा परिक्षण की ज़रूरत नहीं है।

PD का सही निदान, भविष्य में उसके प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।



· *MDS –इंटरनेशनल पार्किंसन एंड मूवमेंट डिसऑर्डर सोसाइटी (International Parkinson and Movement Disorder Society )

· **MRI – Magnetic Resonance Imaging

· ***DatScan – Dopamine Active Transporter Scan


Image Source www.freepik.com

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