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Articles, expert insights and lived experiences on Parkinson's disease covering mobility, wearable technology and the daily practices that make life a little steadier.
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पार्किंसंस के हमसफ़र 1 - शोभनाताई तीर्थली
भाव आज बात करते है अंजली महाजन की, जिनकी नस नस में सामाजिक जागरूता , रोम रोम में उत्साह और आश्चर्य चकित करने वाली प्रतिभा बसी है। अन्य लोगों को हैरान करने वाले कई कार्य चलते रहते है। केवल उन्नीस वर्ष की छोटी उम्र में कैंसर के कारण अपनी बेटी को खो देने का दर्द, पति केशवराव का बढ़ता पार्किंसंस रोग , १०५ वर्ष की सासूमाँ तथा उनकी बिमारी के कारण बदलते मानसिक और शारीरिक घटक , इन सबसे न घबराते हुए इनका कार्य चलता रहता है। इस कारण वह अक्सर हमें भावुक क्षण दे जाती हैं। हाल ही में
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किस्से पार्किंसंस के - ३
साधना ताई तीर्थली श्री अशोक पाटिल, हमारे पार्किंसंस मित्रमंडल की गतिविधियों के प्रति हमेशा सजग रहते है। उन्होंने अभी किस्से पार्किंसंस के पर अपनी प्रतिक्रिया कमैंट्स सेक्शन में दी। मुझे चैट के माध्यम से जवाब देना अच्छा लगता है क्योंकि इस तरह वे बातें एवं फीडबैक दूसरों तक भी पहुँच जाते हैं। उनकी एक बात भय के बारें में थी। उन्होंने एक मरीज़ को अपने शुभचिंतको के साथ बगीचे में टहलते हुए देखा। वे नियमित रूप से आते और उनके शुभचिंतक उनका बहुत अच्छी तरह से ध्यान रखते । उन्
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पार्किंसंस की दवाइयों के दुष्प्रभाव
(Read in English) पार्किंसंस के कई लक्षण है ( पढ़िए पार्किंसंस के लक्षण ) कुछ बिमारी के शुरूआती दौर में नज़र आते हैं जो समय के साथ साथ बढ़ते जाते हैं और कुछ बिमारी के साथ साथ बढ़ते हैं। वैसे तो, पार्किंसंस का कोई इलाज़ नहीं हैं लेकिन कुछ निर्धारित औषधियों के सेवन से लक्षणों की तीव्रता में कमी आती है। ये औषधि पार्किंसंस के साथ जीवन व्यापन करने के लिए काफी अनिवार्य है। ये रोगी के सामान्य जीवन जीने के लिए सहायक होती हैं, दर्द से राहत देती हैं और कुछ लक्षणों में भी आराम देती है
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पार्किंसंस के भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभाव
(Read in English) PD का निदान होना,किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद ही तनावपूर्ण होता है ( पढ़िए पार्किंसंस की मूल बाते ं )। निदान को स्वीकारने के बाद का सफर PD से पीड़ित के परिवार वालों के लिए भी बहुत लम्बा होता है। ये सफर कई चुनौतियों , सीखों और बीमारी की प्रगति के इर्द गिर्द घूमता है। पूरा जीवन इस बीमारी के असर को व्यवस्थित करने लग जाता है । इसमें ना सिर्फ पार्किंसंस से पीड़ित व्यक्ति बल्कि पुरे परिवार और शुभचिंतकों पर असर पड़ता है। PD के शारारिक असर के बारे में तो वैसे क
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व्यग्रता और पार्किंसंस (Anxiety and Parkinson's)
कुछ पार्किंसंस के कुछ रोगी व्यग्रता का अनुभव कर सकते है। इस लेख से हम आपको व्यग्रता क्या है और आपको कैसा महसूस करवा सकती है के बारे में...
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किस्से पार्किंसंस के -४
शोभना ताई तीर्थली फ्लावर रेमेडी सिखाने के लिए मुझे आनंदवन जाना था। मेरे साथ श्री तीर्थली भी जाने वाले थे। हमारा विचार था की वर्धा तक हम...
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पार्किंसंस की प्रश्नावली
Read it in English पार्श्वभूमिका : यदि आपको या आपके किसी अपने को कुछ लक्षण नज़र आये, सबसे पहले अपने पारिवारिक डॉक्टर से मिले और फिर उनके...
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किस्से पार्किंसंस के - ३
शोभना ताई तीर्थली ( Read it English ) (मराठी भाषेत वाचा) श्री अशोक पाटिल, हमारे पार्किंसंस मित्रमंडल की गतिविधियों के प्रति हमेशा सजग रहते है। उन्होंने अभी किस्से पार्किंसंस के पर अपनी प्रतिक्रिया कमैंट्स सेक्शन में दी। मुझे चैट के माध्यम से जवाब देना अच्छा लगता है क्योंकि इस तरह वे बातें एवं फीडबैक दूसरों तक भी पहुँच जाते हैं। उनकी एक बात भय के बारें में थी। उन्होंने एक मरीज़ को अपने शुभचिंतको के साथ बगीचे में टहलते हुए देखा। वे नियमित रूप से आते और उनके शुभचिंतक
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अपने पेट की सुने - पार्किंसंस के पीड़ितों के लिए अनुकूल आहार
Read it in English Go with your Gut: Optimising Diet for PD Symptoms Written by Shivali Verma हमारे बड़े हमेशा कहते थे "पेट की सुनो, दिमाग तुम्हारी सुनेगा" ये बात सोलह आने सत्य है। वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारा पेट और मस्तिष्क जटिल विधि से एक दुसरे से संपर्क कर हमारे मूड में बदलाव लाते हैं। पहले हमारी सोच थी कि अवसाद और व्यग्रता के कारण हमें कब्ज़, मतली इत्यादि पेट से सम्बंधित तकलीफें होती हैं लेकिन हाल में किये गए एक अध्ययन से पता चला कि ख़राब पेट और कब्ज़ से अवसाद और व्यग
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