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पार्किंसंस का निदान किस से करवाएं?
हमारे पिछले लेखों में हमने आपको बताया था कि पार्किंसंस रोग के शुरूआती लक्षण क्या हैं एवं कुछ दिशानिर्देश भी दिए थे की पार्किंसंस रोग के निदान किए खोज कब करें। इस लेख के जरिये हम आपको बताएँगे की पार्किंसंस रोग का निदान करने के लिए कौन योग्य हैं और ऐसा करने के लिए वे क्या उपाय करते है। PD के बारे में अधिकाँश समझ कहती हैं कि किसी व्यक्ति को PD से प्रभावित होने का निदान करने के लिए इन लक्षणों का होना अनिवार्ये है (इंटरनेशनल पार्किंसन एंड मूवमेंट डिसऑर्डर सोसाइटी (MDS)* के अन


युवा अवस्था में पार्किंसंस
वैसे तो पार्किंसंस बड़ी उम्र में होने वाली बिमारी है , लेकिन लगभग १०% से २०% प्रतिशत रोगियों को ५० वर्ष की उम्र से पहले इसके लक्षण महसूस होने लगते है, इसे युवा अवस्था में पार्किंसंस कहते है। इसका इलाज वही है, लेकिन युवा अवस्था के पार्किंसंस के रोगी का अनुभव अलग होता है। वैज्ञानिक युवा अवस्था के पार्किंसंस के कारण समझने की कोशिश कर रहे हैं। निदान युवा अवस्था में होने वाले पार्किंसंस के रोगियों के लिए निदान का सफर काफी लम्बा होता है। कई बार तो सही निदान पर पहुँचने के लिए अ


पार्किंसंस से पीड़ितों के लिए व्यायाम के फायदे
व्यायाम यूँ तो सभी के लिए लाभदायक है, लेकिन अगर आप पार्किंसंस से पीड़ित हैं, तो ये आपके दवाई लेने जितना ही अनिवार्य है। व्यायाम से आपके अंगो में लचीलापन , संतुलन, शक्ति , मजबूती , तीव्रता रहती हैं। इस से आप अपने स्वयं के काम करने में सक्षम रहते हैं, आप वो काम कर सकते हैं जो आपको आनंद देते हैं। हम आगे आपको वह व्यायाम बताएँगे जो आपको ज्यादा लाभ पहुंचाएंगे। लेकिन पहले हम आपको व्यायाम से होने वाले फायदे समझायेंगे। पढ़िए गैर औषधीय प्रबंधन · मोटर लक्षण प्रबंधन (Motor sy


गैर औषधीय प्रबंधन (पार्किंसंस)
कई शोधकर्ताओं का कहना है कि पार्किंसंस होने पर रोगी को अपने आप में बदलाव लाने की ज़रुरत होती है। जिसे होलिस्टिक एप्रोच (Holistic Approach ) कहा जाता है। इसमें खान पान , रहन सहन, मानसिक स्थिति आदि पर ध्यान देना ज़रूरी हैं। अगर आपकी मनोस्थिति अच्छी एवं आशावादी है, तो आप देखेंगे कि आपकी शारीरिक तकलीफे कम हो जाती है। पढ़िए पार्किंसंस के साथ अच्छा जीवन कैसे जीएं कई डॉक्टर्स व्यायाम करने की भी सलाह देते है। लेकिन साथ में चेतावनी भी देते है कि अपनी योगिता अनुसार एवं डॉक्टरों के


क्या मेरे बच्चो को पार्किंसंस होने की संभावना है?
(Read in English) किसी भी दीर्घकालीन रोग होने पर जब रोगी पहला झटका लगने के बाद संभालता है, तो उसके मन में सबसे पहला प्रश्न ये आता कि "क्या ये बीमारी मेरे बच्चो को होगी?" क्योंकि इंसान अपनी तकलीफ बर्दाशत कर सकता है पर अपने बच्चो को तकलीफ होते नहीं सह सकता। तो आपके इस प्रश्न का जवाब है कि ये ज़रूरी नहीं है। जबकि पार्किंसंस के मामलों में कुछ प्रतिशत एकल आनुवंशिक उत्परिवर्तन ( Single Genetic Mutation)* के कारण होते है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता। अगर आप इस उत्परि


पार्किंसंस के लक्षण
(Read in English) पार्किंसंस रोग के लक्षण हर रोगी के लिए अलग होते है। कुछ लक्षण तो डॉक्टर्स के लिए भी पता लगा पाने मुश्किल होते है। बाकी कुछ लक्षण ऐसे होते जो हर कोई समझ जाता है। अगर आपको शक है कि आपको या आपके अपनों में किसी को पार्किंसंस है , तो आपको जल्द से जल्द एक न्यूरोसर्जन ( Neurosurgeon or Movement Disorder Specialist ) से परामर्श करना चाहिए। प्रेरक तंत्र (Motor System ) : लोग ज्यादातर पार्किंसंस रोग के प्रेरक तंत्र ( motor or movement symptoms ) लक्षणों से वाकिफ है


पार्किंसंस क्यों होता है?
शोधकर्तओं के अनुसार ज्यादातर लोगों में पार्किंसंस पर्यावरण आनुवंशिककारकोंके संयोजनके कारण से होता है। कुछ पर्यावरण जोखिम , जैसे कीटनाशकोंसे लम्बे सम्पर्क में आना या सिर की चोट, PD के बढ़ते खतरे से जुड़े हैं।फिर भी, कई पार्किंसंस से पीड़ित रोगियोंके इन सब खतरों के संपर्क में ना आने से भी इससे पीड़ित होने के पर डॉक्टर पक्की तरह से कुछ नहीं कह सकते। ये ही बात आनुवंशिकीकारणों के बारे में कही जा सकती है। कुछ आनुवंशिक उत्परिवर्तन PD के बढ़ते जोखिम से जुड़े हुए है। किन्तु, अधिकतर ल


पार्किंसंस की मूल बातें
(Read in English) पार्किंसंस के निदान के जीवन परिवर्तनकारी घटना से निपटने (सहन करने का) कोई आसान तरीका नहीं है। पर अच्छी खबर ये है, कि प्रारंभिक समायोजन (एडजस्टमेंट ) अवधि के बाद, अधिकांश लोग इस को स्वीकार कर जीवन की गुणवत्ता को बढ़ा लेते है। Parkinson's Disease (पार्किंसंस रोग) क्या है ? पार्किंसंस रोग तब होता है जब मस्तिष्क की कोशिकायें जो डोपामाइन नामक रसायन बनाती हैं, बनाना कम या बंद कर देती है। ये रसायन शारीरिक हलचल को नियंत्रीरत करता है। PD कंपकंपी, सुस्ती, जकड़न,


पार्किंसन रोग के निदान की तलाश कब करें
(Read it in English) आजकल हर सवाल का जवाब इंटरनेट के माध्यम से मिल जाता है। चाहे वो बिमारी के लक्षण या इलाज से जुड़े सवाल ही क्यों ना हो। इंटरनेट के माध्यम से चिकित्सा और आसान उपलब्धता के साथ अक्सर लोग अपने विभिन्न लक्षणों को विशिष्ट बीमारियों से जोड़ते है। कोई भी अपने या अपनों के साथ ऐसी घटना नहीं चाहेगा, खासकर पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी को लेकर। इस लेख के जरिये हम आपको बताना चाहेंगे कि आपको पार्किंसन का चिकित्सीय निदान कब करवाना चाहिए। १. झुकना : परिवार या आप स्वय
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