top of page
Blogs
Explore articles, stories, and expert insights on Parkinson’s disease—covering mobility solutions, wearable technology, and daily living tips for patients and caregivers.
Search
हिंदी


किस्से पार्किंसंस के # १३ शोभना ताई
Read in English मराठीत वाचा अपने पिछले एक किस्से में मैंने कहा था कि कम्पन ना होने वाले पार्किंसंस मरीज़ों के लिए पार्किंसंस का निदान करना काफी मुश्किल होता है। हम उस बारे में बात ज़रूर करेंगे लेकिन उस से पहले पार्किंसंस के निदान के बारे में बात करना ज्यादा ज़रूरी है। पार्किंसंस के निदान के लिए कोई एक टेस्ट नहीं है। जैसे मधुमेह (diabetes ) रक्त चाप ( blood pressure ) के लिए यन्त्र होता है लेकिन पार्किंसंस के लिए कोई यन्त्र नहीं है। इसलिए, निदान की प्रक्रिया जटिल और समय


किस्से पार्किंसंस के # १२ शोभना ताई
Read in English मराठीत वाचा मुंबई में रहने वाले मेरे फुफरे भाई, अनिल कुणकेरकर का फ़ोन आया। उनके साडू भाई को पीडी का निदान हुआ था। अनिल भाई ने मुझसे कहा," सुना है तू पार्किंसंस ठीक कर देती है ? " मुझे कोई जवाब ही नहीं सुझा, क्योंकि उन लोगों से जो कहते है कि वे पार्किनसन्स ठीक कर सकते है , उनसे ही सावधान करने के लिए मैं पार्किंसंस के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अपनी कलम और आवाज़ का उपयोग कर रही हूँ और ये मुझसे पूछ रहे हैं कि " मैं पार्किंसंस ठीक कर सकती हूँ क्या"। क्या मेरा


वह जो बिछड़ गए # २ मोहन कुलकर्णी शोभना ताई
मराठीत वाचा Read in English आज ११ अप्रैल विश्व पार्किसंस दिवस के रूप में याद रहता है , लेकिन मोहन कुलकर्णी के स्मृति दिवस की रूप में भी याद रहता है। वह मृदुभाषी , बुद्धिमान, दयालु और कला प्रेमी व्यक्तित्व के मालिक थे। हम उनसे मिलने उनके घर भी गए थे। उनका कहना था कि पार्किंसंस मेरी कई बीमारियों में से एक है। उन्हें कम सुनाई देता था इस लिए शायद वो कम बोलते थे। लेकिन मेरे पति और उनका कार्यस्थान एक ही होने के कारण वह आपस में बहुत बातें करते थे। वह KSB में HR हेड थे। वैसे उ


वह जो बिछड़ गए # १ डॉ प्रभाकर देशपांडे शोभना ताई
मराठीत वाचा Read in English आज रामनवमी है, डॉ. देशपांडे की बहुत याद आ रही है। हम राम नवमी के उपलक्ष में दौलत नगर के राम मंदिर जाते थे, वहां पास ही रहने वाले डॉ देशपांडे बाग़ में टहलते हुए मिल जाते थे। पार्किंसंस मित्र मंडल में मुलाक़ात होने के बाद ये नियम सा बन गया था। अगर वह नहीं मिलते तो हम उनके घर चलते जाते। नब्बे साल से अधिक के देशपांडे हमेशा सफ़ेद शुभ्र धोती ,कुर्ता और टोपी पहने हुए मिलते। खुशनुमा व्यक्तित्व ,बच्चों जैसी मासूमियत और मुस्कुराते हुए चेहरे ने पहली ही मुलाक़ा


पार्किंसंस के हमसफ़र #4 शोभना ताई
मराठीत वाचा Read in English पार्किंसंस मित्र मंडल का अपना कोई ऑफिस नहीं है। हम कार्यकारिणी की बैठक अपने किसी न किसी सदस्य के घर पर आयोजित करते है। हम एक केंद्रीय स्थान तय करते हैं जो सब सदस्यों के लिए सुविधाजनक हो। हमारी एक सदस्या रेखा आचार्य पिछले सात आठ सालों से बैठक अपने घर में करने को कह रही थी , लेकिन वह ऍमआएटी महाविद्यालय के परिसर में रहती थी , जहां पहुंचना हर किसी के लिए आसान नहीं था। अब उनके बेटे ने उन्हें प्रभात रोड पर नया घर ले दिया है। वहां रहने आने पर रेखा पु


किस्से पार्किंसंस के # ११ शोभना ताई
मराठीत वाचा Read in English जिस तरह बढ़ती उम्र और पार्किंसंस जुड़े हुए हैं, उसी तरह कंपकंपी (थरकन)और पार्किंसंस भी जुड़े हुए हैं। पहले मैं भी इसी भ्रम में थी, कि पार्किंसंस का मतलब कंपकंपी होता है। लेकिन जब पार्किंसंस मित्रमंडल के साथ काम शुरू किया और पार्किंसंस पीड़ितों से मिलने उनके घर जाने लगी तब मुझे बीस पचीस मरीज़ ऐसे मिले जिन्हें कंपकंपी की तकलीफ बिल्कुल नहीं थी, तब मुझे समझ आया कि पार्किंसंस बिना कंपकंपी के भी होता है। श्री शरतचंद्र पटवर्धन लम्बे समय से पार्किंसंस


किस्से पार्किंसंस के # ९ शोभना ताई
मराठीत वाचा Read in English कहते हैं पार्किंसंस वृद्धों की बिमारी है। ये सही है कि पार्किंसंस क्लिनिक में ज्यादातर मरीज़ वृद्ध ही होते हैं। पर पार्किंसंस मित्रमंडल में काम करते हुए हमे छोटी उम्र में पार्किंसंस से पीड़ित भी काफी मिले। गूगल पर पार्किंसंस के सन्दर्भ में जो तस्वीर दी है वो भी एक वृद्ध की ही है। श्री चाड वॉकर नमक व्यक्ति की पत्नी को उम्र के ३० वे दशक में ही पार्किंसन हो गया था। इस लिए गूगल का ये चित्र बदला जाए ऐसा अभियान श्री वॉकर ने शुरू किया है। उनका मानना ह


किस्से पार्किंसंस के #८ शोभना ताई
मराठीत वाचा Read in English मैंने अपने पिछले लेख में कहा था कि कई लोग अपने पार्किंसंस से पीड़ित होने की बात छुपाते हैं। इसी विषय में एक मज़ेदार किस्सा है। श्री रामचंद्र करमरकर ,जिन्हें हम पार्किंसंस मित्रमंडल का सर्वेसर्वा कहता हैं , काफी उत्साही कार्येकर्ता हैं। एक बार वे दवाई की दूकान पर गए। वहां उन्हें एक वृद्ध शख्स , दवाई लेते हुए नज़र आये। उनका एक हाथ कांप रहा था। ये देखकर , श्री करमरकर समझ गए कि ये पार्किंसंस से पीड़ित हैं। जो दवाइयाँ उन्होंने लीं वे भी पार्किंसंस


अचानक चलते हुए पैरों का जमना (UnFOG)
(Read it in English) क्या आपने कभी चलते चलते महसूस किया है कि आपके पैर धरती से जैसे चिपक गए हैं ? अगर आप पार्किंसंस से पीड़ित हैं तो आप इस से ज़रूर वाकिफ होंगे। इसे इंग्लिश में Freezing of the gait , हिंदी में कहें तो चलते हुए पैरों का जमना। पार्किंसंस से पीड़ितों के लिए ये एक सामान्य तौर पर निराशजनक लक्षण है। इस से आपकी जीवन शैली पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। FOG को मापने और उसके उपप्रकार का एक मापदंड अमेय देसाई ,रिया राजपूत , शिवली वर्मा और समित चक्रबर्ती लाइफस्पार्क टेक्नोलॉ
Most viewed Blogs










bottom of page
