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Articles, expert insights and lived experiences on Parkinson's disease covering mobility, wearable technology and the daily practices that make life a little steadier.
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गैर औषधीय प्रबंधन (पार्किंसंस)
कई शोधकर्ताओं का कहना है कि पार्किंसंस होने पर रोगी को अपने आप में बदलाव लाने की ज़रुरत होती है। जिसे होलिस्टिक एप्रोच (Holistic Approach ) कहा जाता है। इसमें खान पान , रहन सहन, मानसिक स्थिति आदि पर ध्यान देना ज़रूरी हैं। अगर आपकी मनोस्थिति अच्छी एवं आशावादी है, तो आप देखेंगे कि आपकी शारीरिक तकलीफे कम हो जाती है। पढ़िए पार्किंसंस के साथ अच्छा जीवन कैसे जीएं कई डॉक्टर्स व्यायाम करने की भी सलाह देते है। लेकिन साथ में चेतावनी भी देते है कि अपनी योगिता अनुसार एवं डॉक्टरों के
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क्या मेरे बच्चो को पार्किंसंस होने की संभावना है?
(Read in English) किसी भी दीर्घकालीन रोग होने पर जब रोगी पहला झटका लगने के बाद संभालता है, तो उसके मन में सबसे पहला प्रश्न ये आता कि "क्या ये बीमारी मेरे बच्चो को होगी?" क्योंकि इंसान अपनी तकलीफ बर्दाशत कर सकता है पर अपने बच्चो को तकलीफ होते नहीं सह सकता। तो आपके इस प्रश्न का जवाब है कि ये ज़रूरी नहीं है। जबकि पार्किंसंस के मामलों में कुछ प्रतिशत एकल आनुवंशिक उत्परिवर्तन ( Single Genetic Mutation)* के कारण होते है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता। अगर आप इस उत्परि
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पार्किंसंस के लक्षण
(Read in English) पार्किंसंस रोग के लक्षण हर रोगी के लिए अलग होते है। कुछ लक्षण तो डॉक्टर्स के लिए भी पता लगा पाने मुश्किल होते है। बाकी कुछ लक्षण ऐसे होते जो हर कोई समझ जाता है। अगर आपको शक है कि आपको या आपके अपनों में किसी को पार्किंसंस है , तो आपको जल्द से जल्द एक न्यूरोसर्जन ( Neurosurgeon or Movement Disorder Specialist ) से परामर्श करना चाहिए। प्रेरक तंत्र (Motor System ) : लोग ज्यादातर पार्किंसंस रोग के प्रेरक तंत्र ( motor or movement symptoms ) लक्षणों से वाकिफ है
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पार्किंसंस क्यों होता है?
शोधकर्तओं के अनुसार ज्यादातर लोगों में पार्किंसंस पर्यावरण आनुवंशिककारकोंके संयोजनके कारण से होता है। कुछ पर्यावरण जोखिम , जैसे कीटनाशकोंसे लम्बे सम्पर्क में आना या सिर की चोट, PD के बढ़ते खतरे से जुड़े हैं।फिर भी, कई पार्किंसंस से पीड़ित रोगियोंके इन सब खतरों के संपर्क में ना आने से भी इससे पीड़ित होने के पर डॉक्टर पक्की तरह से कुछ नहीं कह सकते। ये ही बात आनुवंशिकीकारणों के बारे में कही जा सकती है। कुछ आनुवंशिक उत्परिवर्तन PD के बढ़ते जोखिम से जुड़े हुए है। किन्तु, अधिकतर ल
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पार्किंसंस की मूल बातें
(Read in English) पार्किंसंस के निदान के जीवन परिवर्तनकारी घटना से निपटने (सहन करने का) कोई आसान तरीका नहीं है। पर अच्छी खबर ये है, कि प्रारंभिक समायोजन (एडजस्टमेंट ) अवधि के बाद, अधिकांश लोग इस को स्वीकार कर जीवन की गुणवत्ता को बढ़ा लेते है। Parkinson's Disease (पार्किंसंस रोग) क्या है ? पार्किंसंस रोग तब होता है जब मस्तिष्क की कोशिकायें जो डोपामाइन नामक रसायन बनाती हैं, बनाना कम या बंद कर देती है। ये रसायन शारीरिक हलचल को नियंत्रीरत करता है। PD कंपकंपी, सुस्ती, जकड़न,
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पार्किंसन रोग के निदान की तलाश कब करें
(Read it in English) आजकल हर सवाल का जवाब इंटरनेट के माध्यम से मिल जाता है। चाहे वो बिमारी के लक्षण या इलाज से जुड़े सवाल ही क्यों ना हो। इंटरनेट के माध्यम से चिकित्सा और आसान उपलब्धता के साथ अक्सर लोग अपने विभिन्न लक्षणों को विशिष्ट बीमारियों से जोड़ते है। कोई भी अपने या अपनों के साथ ऐसी घटना नहीं चाहेगा, खासकर पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी को लेकर। इस लेख के जरिये हम आपको बताना चाहेंगे कि आपको पार्किंसन का चिकित्सीय निदान कब करवाना चाहिए। १. झुकना : परिवार या आप स्वय
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पार्किंसंस के लिए आपको न्यूरोलॉजिस्ट के अलावा और विशेषयज्ञों की आवश्यकता क्यों है?
Read it in English पार्किंसंस एक तंत्रिका सम्बंधित स्थिति है, जिसे अंग्रेजी में Neurological Condition कहते है। इस कारण संभावना है कि इसके निदान और इसके प्रबंधन के लिए आपको एक न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) की सलाह लेनी पड़े। न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेते समय ये ध्यान रखे कि वह न्यूरोलॉजिस्ट पार्किंसंस विशेषज्ञ हो। पार्किंसंस के बाद का जीवन स्तर: ये ध्यान दें कि हम प्रबंधन कह रहे है इलाज नहीं, क्योंकि पार्किंसंस का कोई इलाज अभी तक नहीं मिला है। पार्किंसंस से सम्बंधित लक्षण (पढ़िये
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पार्किंसंस का गलत निदान
Read in English ये बात एकदम पक्की है कि निदान, चिकित्सा के लिए अनिवार्य है। ये इलाज की योजना और इलाज के लिए एक राह बनाता है। कई बार हमने रोग का गलत निदान से होने वाली तकलीफों के बारे में सुना है। सही उपचार न बताया जाना ,गलत उपचार करना आदि के कारण हालत का बिगड़ना ये छोटे बड़े चिकित्सालय में सामान्य सी बात है , ये सब गलत निदान की वजह से होता है। ये पार्किंसंस के रोगी के साथ होता हुआ अक्सर देखा गया है। इंग्लैंड में पार्किंसंस के २००० रोगियों के किये गए एक सर्वे के अनुसार लगभग
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World Mental Health Day
On the occasion of World Mental Health day, we speak to the team at PinkyMind about social media and mental health
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